कौन क्या सोचता है मेरे बारे में
फ़र्क नहीं पड़ता कि कौन क्या सोचता है मेरे बारे मेंफ़र्क पड़ेगा तब, जब कोई नहीं सोचेगा बारे में मेरे ~ मनीष शर्मा
फ़र्क नहीं पड़ता कि कौन क्या सोचता है मेरे बारे मेंफ़र्क पड़ेगा तब, जब कोई नहीं सोचेगा बारे में मेरे ~ मनीष शर्मा
किसी की हत्या करने की मंशा रखने वाले लोगों का आत्महत्या कर लेना ही बेहतर। ~ मनीष शर्मा
मित्रता बहुत प्रगाढ़ होती है उनकीजो करते हैं बातें इधर उधर की मित्रता बहुत प्रगाढ़ होती है उनकीजो छलकाते हैं जाम मदिरा की मित्रता बहुत प्रगाढ़ होती है उनकीजो करते रहते हैं निंदा सभी की ~ मनीष शर्मा
ये दुनिया एक दूसरे की परस्पर मदद करने से ही चलती है, लेकिन पूँजीवाद के कारण ज़्यादातर लोग मदद, एहसान की तरह करते हैं, जिसे याचक ज़िंदगीभर सूद की तरह चुकाता रहता है। ~ मनीष शर्मा
दुनिया में ज़्यादातर लोग सलाहकार हैं, सलाह माँगे बिना सलाह देते हैं, सलाह माँगने पर ग़लत सलाह देते हैं। ~ मनीष शर्मा
दुनिया के ज़्यादातर लोग झूठे, धूर्त, चतुर, जाल-साज, चाल-बाज, स्वार्थी और जटिल थे, हैं और हमेशा रहेंगे। ~ मनीष शर्मा
दिल जो कहे, वो ही करोदुनिया की राय गिरगिट है ~ मनीष शर्मा
इतना भी क़रीब नहीं आना है तुम्हारेकि दूर जाने से बहुत तकलीफ़ होइतना भी दूर नहीं जाना है तुमसेकि क़रीब आने पे बहुत तकलीफ़ हो ~ मनीष शर्मा
प्रेम करने वाले कम, नफ़रत और हिंसाकरने वाले ज़्यादा हैं इस दुनिया मेंमेरे जैसे प्रेम में जीने मरने वालों के लिएकोई जगह नहीं हैं इस दुनिया में ~ मनीष शर्मा
मर्दों ने अपनी जिस्मानी और ज़ेहनी कमज़ोरियों को छिपाने की ख़ातिर, खेल रचाया बड़ा ही शातिरख़ुद को किया नुमायाँ कहकर सूरमा और पहलवान, औरतों को दिया पर्दा बताया नाज़ुक और नाज़नीन ~ मनीष शर्मा